विट्रियस हेमरेज (Vitreous Hemorrhage) - परिचय, कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार एवं रोकथाम के उपाय
परिचय
विट्रियस हेमरेज एक गंभीर नेत्रीय स्थिति है जिसमें आंख के अंदर स्थित विट्रियस द्रव में रक्त का रिसाव हो जाता है। इससे दृष्टि में अचानक कमी, धुंधलापन एवं फ्लोटर्स का अनुभव हो सकता है। यदि इसका समय रहते उपचार न हो तो रेटिना पर दबाव पड़कर स्थायी दृष्टि हानि भी हो सकती है।
कारण
रेटिनल डिजीज एवं नसों में अवरोधउच्च रक्तचाप, मधुमेह एवं एथेरोस्क्लेरोसिस के कारण रेटिना की नसें कमजोर होकर रक्त रिसाव कर सकती हैं।
⚠ [b]आंख पर चोट या आघातसीधे चोट, दुर्घटना या आघात से आंख के अंदर रक्त का रिसाव हो सकता है।
⚠ [b]रेटिनल ओक्लूजननसों में अवरोध के कारण रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है जिससे रिसाव होने की संभावना बढ़ जाती है।
⚠ [b]सर्जिकल प्रक्रियाएं एवं चिकित्सा हस्तक्षेपआंख की सर्जरी या अन्य चिकित्सकीय प्रक्रियाओं के पश्चात भी विट्रियस हेमरेज विकसित हो सकता है।
[b]लक्षण

⚠ [b]अचानक दृष्टि में कमीरिसाव के कारण दृष्टि में तेजी से गिरावट आ सकती है।
⚠ [b]फ्लोटर्स एवं धुंधलापनआंख में तैरते हुए छोटे कण या धुंधलापन दिखाई दे सकता है।
⚠ [b]हल्का दर्द एवं जलनकुछ मामलों में हल्का दर्द या जलन का अनुभव हो सकता है।
⚠ [b]रेटिना पर दबाव के संकेतकभी-कभार रेटिना में दबाव पड़ने से दृश्य में अंधेरे धब्बे या छिद्र जैसा प्रभाव भी महसूस होता है।
[b]आयुर्वेदिक उपचार⚠ [b]त्रिफला नेत्र धोनात्रिफला के पानी से नियमित नेत्र धोने से आंखों की सफाई एवं रक्त संचार में सुधार होता है।
⚠ [b]अश्वगंधाअश्वगंधा का सेवन शरीर की शक्ति बढ़ाने एवं प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में सहायक है।
⚠ [b]हल्दीहल्दी के प्राकृतिक सूजनरोधी गुण नसों में सूजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।
⚠ [b]ब्राह्मीब्राह्मी का सेवन मानसिक तनाव कम कर नेत्र स्वास्थ्य सुधार में लाभकारी होता है।
⚠ [b]तुलसी का काढ़ातुलसी के काढ़े का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ कर संक्रमण एवं सूजन से बचाव में मदद करता है।
⚠ [b]योग एवं प्राणायामनियमित योग, ध्यान एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम से मानसिक एवं शारीरिक तनाव में कमी आती है एवं रक्त परिसंचरण बेहतर होता है।
[b]रोकथाम के उपाय
⚠ [b]नियमित नेत्र जांच कराएंसमय-समय पर नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराते रहें ताकि विट्रियस हेमरेज के प्रारंभिक संकेतों का पता चल सके।
⚠ [b]स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंसंतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं पर्याप्त विश्राम से संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है।
⚠ [b]उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह का नियंत्रणइन स्थितियों का सही प्रबंधन नसों की सुरक्षा एवं रक्त परिसंचरण में सहायक है।
⚠ [b]आंखों पर चोट से बचाव करेंखेलकूद या अन्य जोखिम वाले कार्यों में आंखों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतें।
⚠ [b]धूप से सुरक्षासुरक्षात्मक चश्मा पहनकर अल्ट्रावायलेट किरणों से आंखों की सुरक्षा करें।
[b]निष्कर्षविट्रियस हेमरेज एक गंभीर नेत्र स्थिति है जिसमें विट्रियस द्रव में रक्त का रिसाव होने से दृष्टि प्रभावित होती है। उचित चिकित्सकीय देखरेख के साथ आयुर्वेदिक उपचार एवं स्वस्थ जीवनशैली का संयोजन इस स्थिति के प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। लेख सारांश के रूप में यह कहा जा सकता है कि नियमित नेत्र जांच, उच्च रक्तचाप एवं मधुमेह का नियंत्रण, सुरक्षित जीवनशैली एवं आयुर्वेदिक उपायों का समुचित संयोजन अत्यंत आवश्यक है; यदि लक्षण बढ़ें, तो शीघ्र विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए।

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