केंद्रीय सिरेस चोरियोरेटिनोपैथी (Central Serous Chorioretinopathy) - परिचय, कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार एवं रोकथाम के उपायपरिचय केंद्रीय सिरेस चोरियोरेटिनोपैथी एक नेत्रीय स्थिति है जिसमें रेटिना के केंद्रीय भाग (मैकुला) के नीचे असामान्य द्रव का संचय हो जाता है। इससे रेटिना में अस्थायी सूजन होती है और केंद्रीय दृष्टि में धुंधलापन, विकृति या अस्पष्टता उत्पन्न हो सकती है। यह स्थिति आमतौर पर मध्यम आयु के व्यक्तियों में तनाव, हार्मोनल असंतुलन एवं उच्च कोर्टिसोल स्तर के कारण देखी जाती है।[b]कारण⚠ [b]तनाव एवं हार्मोनल असंतुलनउच्च तनाव एवं कोर्टिसोल के बढ़े हुए स्तर से रेटिना के नीचे द्रव का संचय बढ़ जाता है। ⚠ [b]कुछ दवाओं का सेवनकोर्टिकोस्टेरॉइड्स जैसे दवाओं का लंबे समय तक उपयोग भी इस स्थिति को उत्पन्न कर सकता है। ⚠ [b]आनुवांशिक प्रवृत्तिपरिवार में इस स्थिति का इतिहास होने से जोखिम बढ़ जाता है। ⚠ [b]पर्यावरणीय कारकअत्यधिक धूप एवं अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आने से भी नेत्रीय ऊतकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।[b]लक्षण⚠ [b]केंद्रीय दृष्टि में धुंधलापनमैकुला के नीचे द्रव संचय के कारण पढ़ने एवं करीबी कार्यों में कठिनाई होती है। ⚠ [b]दृष्टि में विकृतिवस्तुएं विकृत या मुड़ी हुई प्रतीत हो सकती हैं। ⚠ [b]अचानक दृष्टि में गिरावटकुछ मामलों में अचानक दृष्टि में कमी आ जाती है। ⚠ [b]हल्की जलन एवं बेचैनीआंखों में असहजता या हल्की जलन का अनुभव हो सकता है।[b]आयुर्वेदिक उपचार⚠ [b]त्रिफला नेत्र धोनात्रिफला के पानी से नियमित नेत्र धोने से आंखों की सफाई होती है एवं रक्त संचार में सुधार होता है। ⚠ [b]अश्वगंधातनाव कम करने एवं हार्मोनल संतुलन बनाए रखने में सहायक है। ⚠ [b]ब्राह्मीमस्तिष्क एवं मानसिक संतुलन को सुधारने में लाभकारी है, जिससे नेत्र स्वास्थ्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ⚠ [b]हल्दीहल्दी के प्राकृतिक सूजनरोधी गुण सूजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। ⚠ [b]तुलसी का काढ़ातुलसी के काढ़े का सेवन प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर शरीर को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। ⚠ [b]योग एवं प्राणायामनियमित योग, ध्यान एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम से मानसिक तनाव में कमी एवं रक्त परिसंचरण में सुधार होता है।[b]रोकथाम के उपाय ⚠ [b]तनाव प्रबंधनध्यान, योग एवं पर्याप्त विश्राम से मानसिक तनाव को नियंत्रित करें। ⚠ [b]संतुलित आहारएंटीऑक्सीडेंट्स, ताजे फल एवं सब्जियों से भरपूर आहार नेत्र स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। ⚠ [b]नियमित नेत्र जांचसमय-समय पर नेत्र विशेषज्ञ से जांच कराएं ताकि प्रारंभिक बदलाव का शीघ्र पता चल सके। ⚠ [b]धूप से सुरक्षासुरक्षात्मक चश्मा पहनकर अल्ट्रावायलेट किरणों के हानिकारक प्रभाव से आंखों की रक्षा करें। ⚠ [b]स्वस्थ जीवनशैली अपनाएंनियमित व्यायाम एवं पर्याप्त नींद से संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है।[b]निष्कर्षकेंद्रीय सिरेस चोरियोरेटिनोपैथी एक ऐसी नेत्रीय स्थिति है जिसमें मैकुला के नीचे द्रव संचय से केंद्रीय दृष्टि प्रभावित होती है। उचित चिकित्सकीय देखरेख, तनाव प्रबंधन एवं स्वस्थ जीवनशैली के साथ आयुर्वेदिक उपचार का संयोजन इस स्थिति के प्रबंधन में सहायक हो सकता है; यदि लक्षण बढ़ें, तो शीघ्र विशेषज्ञ से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है।
