ब्रक्सिज्म (Bruxism) - परिचय, कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार एवं रोकथाम के उपायपरिचय ब्रक्सिज्म एक दंत विकार है जिसमें व्यक्ति अनचाहे रूप से अपने दांतों को पीसता या कसता है। यह स्थिति सामान्यतः रात में होती है पर दिन में भी देखने को मिल सकती है। इससे दांतों में घिसावट, जबड़े में दर्द, सिरदर्द एवं मुँह के आस-पास तनाव पैदा हो सकता है।कारण⚠ [b]मानसिक तनाव एवं चिंता अत्यधिक मानसिक दबाव, चिंता एवं तनाव ब्रक्सिज्म के मुख्य कारण माने जाते हैं। ⚠ [b]अनिद्रा एवं नींद में व्यवधाननींद में खलल एवं अनियमित नींद से भी दांत पीसने की प्रवृत्ति बढ़ सकती है। ⚠ [b]मुँह के संरचनात्मक दोषदांतों की असमान स्थिति या जबड़े में मिलान की कमी भी इस विकार को प्रोत्साहित कर सकती है। ⚠ [b]अन्य चिकित्सा स्थितियांकुछ न्यूरोलॉजिकल विकार एवं दंत संक्रमण भी ब्रक्सिज्म के जोखिम को बढ़ा सकते हैं।[b]लक्षण⚠ [b]दांतों में घिसावट एवं संवेदनशीलतालगातार दांत पीसने से दांत कमजोर हो जाते हैं एवं संवेदनशीलता बढ़ जाती है। ⚠ [b]जबड़े में दर्द एवं अकड़नजबड़े की मांसपेशियों में तनाव के कारण दर्द, अकड़न एवं झुनझुनी हो सकती है। ⚠ [b]सिरदर्द एवं कान में दर्ददांत पीसने से सिर में दर्द, कानों में झुनझुनी या हल्की जलन महसूस होती है। ⚠ [b]चेहरे में तनावचेहरे की मांसपेशियाँ थक जाती हैं जिससे चेहरे में असामान्य तनाव एवं अकड़न होती है।[b]आयुर्वेदिक उपचार⚠ [b]अश्वगंधाअश्वगंधा का सेवन मानसिक तनाव कम करने एवं शरीर की शक्ति बढ़ाने में सहायक होता है। ⚠ [b]ब्राह्मीब्राह्मी का सेवन मानसिक संतुलन एवं स्मरण शक्ति में सुधार लाने में उपयोगी होता है। ⚠ [b]शंखपुष्पीशंखपुष्पी तंत्रिका तंत्र को स्थिर रखने एवं मन को शांत करने में लाभकारी होती है। ⚠ [b]तुलसी का काढ़ातुलसी का काढ़ा प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत कर मानसिक दबाव कम करने में मदद करता है। ⚠ [b]त्रिफलात्रिफला का नियमित सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है एवं शरीर से विषाक्त पदार्थों के निष्कासन में सहायक होता है। ⚠ [b]योग एवं प्राणायामनियमित योग, ध्यान एवं अनुलोम-विलोम प्राणायाम से मानसिक तनाव कम होता है तथा रक्त परिसंचरण में सुधार होता है, जिससे मस्तिष्क तक आवश्यक पोषण बेहतर रूप से पहुँचता है। ⚠ [b]जबड़े की मालिशआयुर्वेदिक तेलों से जबड़े की मालिश करने से मांसपेशियों में राहत एवं दर्द में कमी आती है।[b]रोकथाम के उपाय⚠ [b]तनाव प्रबंधनयोग, ध्यान एवं पर्याप्त विश्राम से मानसिक तनाव को नियंत्रित करें। ⚠ [b]स्वस्थ आहारपोषक तत्वों से भरपूर संतुलित आहार से शरीर को आवश्यक ऊर्जा एवं पोषण मिलता है। ⚠ [b]नियमित दंत जांचदांतों की नियमित जांच एवं उचित दंत चिकित्सा से दांतों की घिसावट एवं टूटने से बचाव किया जा सकता है। ⚠ [b]अनिद्रा सुधारपर्याप्त नींद लें एवं नींद की गुणवत्ता सुधारने के उपाय अपनाएं।[b]निष्कर्षब्रक्सिज्म दांतों को अनायास पीसने या कसने की स्थिति है, जो मानसिक तनाव, अनिद्रा एवं दंत संरचनात्मक दोषों से उत्पन्न हो सकती है। नियमित दंत जांच, तनाव प्रबंधन एवं संतुलित आहार के साथ आयुर्वेदिक उपचार – जैसे अश्वगंधा, ब्राह्मी, शंखपुष्पी, तुलसी का काढ़ा, त्रिफला एवं नियमित योग एवं प्राणायाम – का संयोजन इस स्थिति के प्रबंधन में सहायक हो सकता है; यदि लक्षणों में कोई परिवर्तन दिखाई दे, तो शीघ्र विशेषज्ञ से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है।
