कोआर्क्टेशन ऑफ द ऑर्टा (Coarctation of the Aorta) - परिचय, कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार एवं रोकथाम के उपायपरिचय कोआर्क्टेशन ऑफ द ऑर्टा एक जन्मजात हृदय रोग है जिसमें महाधमनी का एक हिस्सा संकीर्ण हो जाता है। इससे रक्त का प्रवाह प्रभावित होता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। यह स्थिति आमतौर पर बाल्यावस्था में पहचान में आती है पर वयस्कों में भी इसका निदान हो सकता है।कारण ⚠ [b]जन्मजात दोषअधिकांश मामलों में ऑर्टा की संकीर्णता का कारण जन्मजात दोष माना जाता है। ⚠ [b]जैविक असामंजस्यहृदय के विकास के दौरान होने वाले अनियमित परिवर्तन से भी यह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। ⚠ [b]अनुवांशिक प्रवृत्तिपरिवार में इस रोग का इतिहास होने से बच्चों में इसकी संभावना बढ़ जाती है।[b]लक्षण⚠ [b]ऊपरी शरीर में उच्च रक्तचापसंकीर्ण भाग के कारण ऊपरी शरीर में रक्तचाप अधिक रहता है। ⚠ [b]निचले शरीर में कमजोर पल्सनिचले अंगों में रक्त प्रवाह में कमी के कारण पल्स कमजोर महसूस होता है। ⚠ [b]थकान एवं कमजोरीशारीरिक गतिविधियों के दौरान जल्दी थकान एवं कमजोरी का अनुभव हो सकता है। ⚠ [b]सिरदर्द एवं चक्करउच्च रक्तचाप एवं असमान रक्त प्रवाह के कारण सिरदर्द एवं चक्कर आने की समस्या हो सकती है। ⚠ [b]सांस लेने में कठिनाईगंभीर मामलों में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है।[b]आयुर्वेदिक उपचारकोआर्क्टेशन ऑफ द ऑर्टा एक गंभीर स्थिति है जिसके लिए आधुनिक चिकित्सा का उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण है पर आयुर्वेदिक उपाय केवल पूरक के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं। कुछ उपाय निम्नलिखित हैं: ⚠ [b]अश्वगंधाअश्वगंधा हृदय की कार्यक्षमता बढ़ाने एवं तनाव कम करने में सहायक होती है। ⚠ [b]ब्राह्मीब्राह्मी मानसिक संतुलन एवं हृदय स्वास्थ्य में सुधार लाने में उपयोगी है। ⚠ [b]गुडूचीगुडूची प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने एवं शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में सहायक होती है। ⚠ [b]योग एवं प्राणायामनियमित योग एवं प्राणायाम से मानसिक एवं शारीरिक तनाव कम करने में सहायता मिलती है, जिससे समग्र स्वास्थ्य में सुधार आता है।[b]रोकथाम के उपाय⚠ [b]नियमित चिकित्सकीय जांचयदि परिवार में इस रोग का इतिहास हो तो नियमित जांच करवाना आवश्यक है। ⚠ [b]स्वस्थ जीवनशैलीसंतुलित आहार, नियमित व्यायाम एवं पर्याप्त नींद से हृदय स्वास्थ्य में सुधार होता है। ⚠ [b]तनाव प्रबंधनमानसिक तनाव कम करने हेतु योग, ध्यान एवं विश्राम का अभ्यास करें।[b]निष्कर्षकोआर्क्टेशन ऑफ द ऑर्टा एक गंभीर जन्मजात हृदय रोग है जिसमें महाधमनी का एक हिस्सा संकीर्ण हो जाता है। इसका प्रभाव रक्त प्रवाह पर पड़ता है जिससे हृदय पर अतिरिक्त दबाव होता है। उचित चिकित्सकीय निदान एवं आधुनिक चिकित्सा के उपचार के साथ-साथ आयुर्वेदिक उपाय, जैसे अश्वगंधा, ब्राह्मी, गुडूची एवं नियमित योग एवं प्राणायाम, केवल पूरक के रूप में सहायक हो सकते हैं। स्वस्थ जीवनशैली एवं नियमित जांच से इस स्थिति के जोखिम को कम किया जा सकता है। यदि लक्षण प्रकट हों तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है।
