पर्निशियस एनिमिया (Pernicious Anemia) - परिचय, कारण, लक्षण, आयुर्वेदिक उपचार एवं रोकथाम के उपाय
परिचय
पर्निशियस एनिमिया एक प्रकार का मेगालोब्लास्टिक एनिमिया है जिसमें शरीर में विटामिन B12 की कमी होती है। यह विकार मुख्यतः ऑटोइम्यून प्रक्रिया के कारण होता है, जहाँ पेट की पारिएटल कोशिकाएं विटामिन B12 के अवशोषण हेतु आवश्यक अंतर्निहित कारक का उत्पादन करने में असमर्थ होती हैं। परिणामस्वरूप, लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण बाधित हो जाता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है और गंभीर एनिमिया तथा न्यूरोलॉजिकल लक्षण उत्पन्न होते हैं।
कारण
ऑटोइम्यून प्रतिक्रिया
शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही पारिएटल कोशिकाओं पर हमला करती है, जिससे अंतर्निहित कारक का उत्पादन घट जाता है।
⚠ [b]पेट की दीवार में सूजनदीर्घकालिक गैस्ट्रिटिस या पारिएटल कोशिकाओं का क्षरण विटामिन B12 के अवशोषण में रुकावट पैदा करता है।
⚠ [b]आनुवांशिक प्रवृत्तिकुछ मामलों में परिवार में इतिहास होने से इस विकार का विकसित होना अधिक संभव हो जाता है।
[b]लक्षण⚠ [b]थकान एवं कमजोरीविटामिन B12 की कमी के कारण शरीर में ऊर्जा की कमी और सामान्य थकान महसूस होती है।
⚠ [b]पीली त्वचा एवं नाखूनएनिमिया के कारण त्वचा और नाखूनों में पीलापन देखा जाता है।
⚠ [b]सांस लेने में कठिनाईऑक्सीजन की कमी से श्वास संबंधी परेशानियाँ हो सकती हैं।
⚠ [b]हृदय की तेज धड़कनएनिमिया के कारण हृदय अधिक तेजी से धड़कता है।
⚠ [b]न्यूरोलॉजिकल लक्षणगंभीर मामलों में स्मरण शक्ति में कमी, ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत एवं मूड में बदलाव भी देखे जाते हैं।
[b]आयुर्वेदिक उपचारपर्निशियस एनिमिया का मुख्य उपचार आधुनिक चिकित्सा द्वारा विटामिन B12 के इंजेक्शन और आहार सुधार से किया जाता है; आयुर्वेदिक उपाय केवल पूरक के रूप में अपनाए जा सकते हैं ताकि संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार हो सके
⚠ [b]अश्वगंधाअश्वगंधा शरीर की ऊर्जा बढ़ाने एवं प्रतिरक्षा प्रणाली को संतुलित करने में सहायक होती है।
⚠ [b]त्रिफलात्रिफला पाचन तंत्र को साफ रखने एवं शरीर से विषाक्त पदार्थ निकालने में मदद करता है।
⚠ [b]नीमनीम के प्राकृतिक संक्रमण रोधी गुण रक्त शुद्धि में सहायक हो सकते हैं।
⚠ [b]आंवलाआंवला विटामिन C का उत्कृष्ट स्रोत है, जो शरीर में खनिजों एवं विटामिन के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है।
⚠ [b]योग एवं ध्याननियमित योग, ध्यान एवं प्राणायाम से मानसिक तनाव में कमी आती है तथा संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार होता है।
[b]रोकथाम के उपाय⚠ [b]संतुलित आहार अपनाएंविटामिन B12 युक्त खाद्य पदार्थ, जैसे मांस, अंडे, डेयरी उत्पाद एवं समुद्री भोजन का सेवन करें।
⚠ [b]नियमित चिकित्सकीय जांच कराएंरक्त जांच द्वारा विटामिन B12 के स्तर की नियमित निगरानी आवश्यक है।
⚠ [b]पोषण युक्त आहारफल, सब्जियां एवं अन्य पोषक तत्वों से भरपूर आहार अपनाकर शरीर में विटामिन और खनिजों का संतुलन बनाए रखें।
⚠ [b]पर्याप्त विश्राम एवं तनाव प्रबंधननियमित योग एवं ध्यान से मानसिक तनाव को कम करें एवं पर्याप्त आराम करें।
[b]निष्कर्षपर्निशियस एनिमिया एक गंभीर रक्त विकार है जिसमें विटामिन B12 की कमी के कारण लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण बाधित होता है, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति में कमी आती है। आधुनिक चिकित्सा द्वारा विटामिन B12 के इंजेक्शन एवं आहार सुधार से इसका मुख्य उपचार किया जाता है। पूरक आयुर्वेदिक उपाय, जैसे अश्वगंधा, त्रिफला, नीम, आंवला एवं नियमित योग एवं ध्यान, से संपूर्ण स्वास्थ्य में सुधार लाया जा सकता है। संतुलित आहार एवं नियमित चिकित्सकीय निगरानी से इस स्थिति के प्रभाव को नियंत्रित किया जा सकता है; यदि लक्षण प्रकट हों तो तुरंत विशेषज्ञ से परामर्श करना अत्यंत आवश्यक है।

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